51 संक्रमित, जेलों में बंद 11000 कैदियों को 2 माह की पैरोल

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस भारत में तेजी से पांव पसार रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अब भी 748 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। 19 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, यूपी में 51 संक्रमित हो गए हैं।


उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेश की जेलों में बंद 11 हजार कैदियों को दो माह की पैरोल पर रिहा करने का आदेश जारी किया है। इसमें साढे़ आठ हजार विचाराधीन कैदी हैं और ढाई हजार सजायाफ्ता कैदी शामिल हैं।


मैनपुरी में लॉकडाउन का उल्लंघन कर मंदिर में नेजा चढ़ाने के नाम पर भीड़ जुटाने वाले 38 लोगों के खिलाफ थाना करहल में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश कर रही है। करहल थाना क्षेत्र के गांव सैयदपुर केहरी के ग्रामीणों शुक्रवार शाम को गांव स्थित काली मंदिर पर नेजा चढ़ाने के लिए एकत्रित हुए थे। ग्रामीणों की भीड़ जमा होते ही मंदिर परिसर में मेले जैसी स्थिति पैदा हो गई। 


यूपी और दिल्ली दोनों सरकारों ने बसों का इंतजाम तो कर दिया। लेकिन मेरी अभी भी सभी से अपील है कि वे जहां है, वहीं रहें। हमने दिल्ली में रहने, खाने, पीने, सबका इंतजाम किया है। कृपया अपने घर पर ही रहें। अपने गांव ना जाए। नहीं तो लॉकडाउन का मकसद ही खत्म हो जाएगा।


दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर बताया कि दिल्ली सरकार ने करीब 100 और उत्तर प्रदेश सरकार की करीब 200 बसें दिल्ली से पैदल जाने की कोशिश कर रहे लोगों को लेकर जा रही है। फिर भी सभी से मेरी अपील है कि लॉकडाउन का पालन करें। कोरोना का असर नियंत्रित रखने के लिए यही समाधान है। बाहर निकलने में कोरोना का पूरा खतरा है।


लॉकडाउन के बीच शनिवार को रोडवेज की दिल्ली से शाहजहांपुर रुट पर बसों का संचालन शुरू कर दिया है। दिल्ली में काम करने वालों को घरों तक पहुंचाने के लिए बसें चलाई गई है। इससे बरेली, दिल्ली जाने वालों को राहत मिली।


दिल्ली से लौटे युवक को कोरोना मरीज होने के शक में ग्रामीणों ने घर से निकलकर बुरी तरफ पीटा। इतना ही नहीं बेटे को बचाने के लिए आए पिता पर भी बेरहमी से हमला किया गया। घायल पिता ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पीड़ित ने बताया कि कुछ लोग घर आए और पूछा कि आपके यहां कोरोना का मरीज है तो उसने मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने बेटे और बाद में उन्हें पीटना शुरू कर दिया।

लॉकडाउन के बीच दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर पलायन करने वाले मजदूरों के लिए यूपी सरकार 1000 बस उपलब्ध कराई हैं। : उत्तर प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के बीच प्रवासी श्रमिकों को उनके संबंधित क्षेत्रों में ले जाने के लिए 1000 बसों की व्यवस्था की है। सीएम योगी ने परिवहन अधिकारियों, बस ड्राइवरों और कंडक्टरों को कल रात सीएम ने बुलाया था ताकि सभी व्यवस्थाएं की जा सकें।

दिल्ली से आए लोगों ने बताया कि दिल्ली सरकार ने बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए। लॉकडाउन के दौरान भोजन, दूध नहीं मिला। भूखे लोग सड़कों पर उतरे। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बार्डर पर बसें खड़ी हैं, जो यूपी और बिहार ले जाएंगी।

बहुत सारे लोगों को मदद के नाम पर डीटीसी की बसों से बॉर्डर तक पहुंचवाकर छोड़ दिया। लॉकडाउन और कथित कर्फ़्यू में दिल्ली सरकार की संवेदनहीनता सामने आई है। आरोप है कि मुफ्त बिजली और पानी देने का वादा करके केजरीवाल सत्ता में आए थे। लेकिन उन्होंने लोगों से विश्वासघात किया है। 

सीएम योगी ने रात भर जाग कर नोएडा, गाजियाबाद ,बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़ आदि इलाक़ों में 1000 से ज्यादा बसें लगाकर मजदूरों को गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई। रात में ही मजदूरों और बच्चों के लिए भोजन का इंतज़ाम कराया गया।